
हमारे प्रिय भारत के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में इंटरनेट के लोकप्रिय माध्यम यू-ट्यूब पर एक सुरुचिपूर्ण लघु फिल्म “वंदे मातरम” द्वारा कलात्मक पदार्पण कर इस अमर राष्ट्रीय गीत के सृजन के 150 गौरवशाली वर्षों का शानदार जश्न एक अनूठे और यादगार अंदाज़ में मनाया गया। पिछले दिनों जारी विभिन्न लघु फिल्मों को मिली निरंतर सफलता के बाद सृजनात्मक उत्कृष्टता के एक सशक्त ब्रांड के रूप में लोकप्रिय होते जा रहे “द यश मंगलम शो” की नवीनतम कड़ी के रूप में इस लघु फिल्म ” वंदे मातरम” का लोकार्पण 26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की आर्थिक राजधानी और मायानगरी मुंबई में किया गया। इस लघु फिल्म में भारत मॉं के हर सपूत के अंतर्मन में बसे देशभक्ति के प्रखर जज़्बे की शानदार जय-जयकार कलात्मक शैली में की गई है।
एक अनूठी सृजनात्मक पहल के अंतर्गत “वाइब्रेशन्स मीडिया वर्क्स, मुंबई” द्वारा “महतपुरकर एंड मंगलम फाउंडेशन” के बैनर तले नवसृजित यह अद्भुत लघु फिल्म “वंदे मातरम” सोशल मीडिया के सबसे सशक्त प्लेटफॉर्म यू-ट्यूब पर मौजूद सुरुचिपूर्ण चैनल “द यश मंगलम शो’ के अंतर्गत अपलोड की गई है, जो अपने अनूठे कंटेंट और प्रस्तुतीकरण के विलक्षण अंदाज़ के लिए काफी लोकप्रिय है और व्यापक तौर पर सराहा जाता रहा है। इससे पहले इस लोकप्रिय शो की “धरोहर: ए पोएटिक सागा”, “शिल्पकार”, “योगा रिट्रीट”, “सेहत के रखवाले”, *कारगिल विजय दिवस- ए पोएटिक सागा, “मैं भारत हूॅं..!”, “पथ प्रदर्शक”* और ” द लीगेसी ऑफ मैथेमेटिक्स” जैसी प्रभावशाली कड़ियाॅं यू-ट्यूब पर काफी अच्छा प्रतिसाद पा चुकी हैं। इस शो के जोशीले और युवा शो-बॉय यश मंगलम हैं, जो सिर्फ़ 15 वर्ष की आयु में ही अपनी दमदार आवाज़, आकर्षक व्यक्तित्व और सशक्त प्रस्तुतीकरण से अपनी शानदार शैली की बदौलत शो- बिज़ की दुनिया में अपने पैर जमा रहे हैं। इस विशेष लघु फिल्म का प्रभावशाली लेखन मुंबई के सुपरिचित गीतकार, मंच संचालक तथा मीडिया एवं जनसम्पर्क सलाहकार गजानन महतपुरकर ने किया है, जिसमें वंदे मातरम गीत के इतिहास, सृजन और इसके राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न पहलुओं को बखूबी पिरोया गया है। उल्लेखनीय है कि गजानन महतपुरकर द्वारा लिखी गई 10 से अधिक लघु फिल्में पहले ही यू-ट्यूब पर धूम मचा चुकी हैं। इसी क्रम में अब नवीनतम लघु फिल्म के ज़रिये गजानन महतपुरकर की सशक्त लेखनी और सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुपम मंगलम के कुशल निर्देशन का कमाल यू-ट्यूब पर लोकप्रिय हो रहा है। इस सशक्त, प्रभावशाली और संवेदनशील लघु फिल्म को अपने कुशल निर्देशन के ज़रिये पर्दे पर उतारने का दायित्व बखूबी निभाया है, मुंबई के विज्ञापन एवं फिल्म जगत के भरोसेमंद निर्देशक अनुपम मंगलम ने, जिनको पिछले 25 सालों में 300 से ज्यादा विज्ञापन फिल्में बनाने का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस नवसृजित लघु फिल्म का भावपूर्ण पार्श्व संगीत समीर पखाले ने दिया है। वीडियोग्राफी संजय वैष्णव, वी एफ एक्स संयोजन गिनीलाल सालुंके, पार्श्व गायन सुश्री धारणा पाहवा, कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग कला मंगलम और एडिटिंग प्रताप शिंदे द्वारा सुनिश्चित की गई है। इसके एसोसिएट प्रोड्यूसर राजीव भार्गव और क्रिएटिव डायरेक्टर अरविंदो रंजन दास हैं। पोस्ट प्रोडक्शन “वाइब्रेशन्स मीडिया वर्क्स, मुंबई” ने किया है। गणतंत्र दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर जारी इस विशेष लघु फिल्म को सोशल मीडिया पर काफी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और इसकी विलक्षण गुणवत्ता को बड़े पैमाने पर सराहा जा रहा है। इस लघु फिल्म की प्रमुख पंक्तियाॅं कुछ इस तरह रची गई हैं :-
“वंदे मातरम, विविधता में एकता की सुंदर सद्बावना की पहचान है..! कश्मीर से कन्याकुमारी तक, हमारी राष्ट्रीय अखंडता की आन-बान-शान है..! वंदे मातरम, हिन्दुस्तान की सीमाओं पर तैनात जवानों के जज़्बे में है, किसानों के पसीने से सींची हुई लहलहाती फसलों में है, उपग्रह के प्रक्षेपण से लेकर तकनीकों की नयी उड़ान में है, हिंदुस्तान के हर संस्थान में है, क ख ग से लेकर कम्प्यूटर कोडिंग के व्याकरण में है..! संगीत, कला, साहित्य, संस्कृति से लेकर गणित के हर समीकरण में है..! यह भारतीय अस्मिता का स्वाभिमानी अनुनाद है और नये दौर के नव भारत का आत्मिक शंखनाद है..! वंदे मातरम..हर हिन्दुस्तानी के वजूद का अमिट हस्ताक्षर है..! देशभक्ति के रजत पटल का जॉंबाज़ स्वर्णाक्षर है..!”
यह लघु फिल्म इस यू-ट्यूब लिंक पर देखी जा सकती है :-
https://youtu.be/xK3iGGbwJGc?si=RyuDRWXV2OeJnJv5




