
लंदन स्थित नेहरू सेंटर में आयोजित “संवेदनाओं का सफ़र” शीर्षक से साहित्यिक वार्ता एवं काव्य सत्र एक अविस्मरणीय और भावपूर्ण संध्या के रूप में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में साहित्य, संवाद और संवेदनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित सभी दर्शकों के हृदय को स्पर्श किया।


इस गरिमापूर्ण आयोजन में श्री वीरेन्द्र शर्मा, लॉर्ड उदय नगराजु, डॉ. अनुराधा पांडेय, श्री कुलदीप शेखावत, मेयर प्रेरणा, रितु हिंदुजा जैसे अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति रही। सभी गणमान्य अतिथियों ने लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा तथा सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा के साहित्यिक योगदान और उनकी पुस्तकों पर अपने हृदयस्पर्शी विचार व्यक्त किये, जो उनके लिए अत्यंत भावुक और यादगार क्षण बन गये। समारोह का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध साहित्यकार तेजेंद्र शर्मा के साथ डॉ. मंजू लोढ़ा का संवाद रहा, जिसमें उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा, जीवन के अनुभवों और अपनी लेखनी के पीछे की भावनाओं को साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी दो नई पुस्तकों का प्रीव्यू भी प्रस्तुत किया, जिन्हें दर्शकों से विशेष सराहना मिली। इंदु बारोट ने डॉ. मंजू लोढ़ा की पुस्तकों और काव्य पर अत्यंत सुंदर, गहन और सरस्वती वंदना सदृश भावों से परिपूर्ण अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और भी ऊँचाई दी। कार्यक्रम की शुरुआत धृति बाफना द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। वहीं डॉ. अनीता नायर के प्रभावशाली और सुसंगठित संचालन ने पूरे आयोजन को सहज, गरिमामय और प्रवाहपूर्ण बनाए रखा। यह साहित्यिक संध्या प्रेम, प्रोत्साहन और शब्दों की शक्ति का एक सुंदर उत्सव रही, जिसने सभी को एक सूत्र में बांधते हुए हिंदी साहित्य को वैश्विक मंच पर नई ऊँचाई प्रदान की। अगले दिन आयोजित एक अन्य गरिमामय समारोह में डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा को उनके साहित्यिक योगदान एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार “IIW She Inspires Awards 2026” से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके निरंतर समर्पण, साहित्य सेवा और महिला सशक्तिकरण के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान का प्रतीक है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव और अधिक बढ़ाया।इस सम्मान समारोह का आयोजन रश्मि द्वारा किया गया।




