
पंजाब की AAP सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मानजी का आज शाम अहमदाबाद में आगमन हुआ। इस दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, विधायक गोपाल इटालिया, विधायक चैतर वसावा, प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार का एक गंभीर दुर्घटना में निधन हुआ है। ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्राप्त हो और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वर्तमान में गुजरात में हमारी पार्टी का संगठन बहुत मजबूत रूप से खड़ा हुआ है। गांव-गांव जनसभाएं हो रही हैं और बड़े शहरों में भी लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गुजरात की जनता अब बदलाव चाहती है। अब तक जो माहौल हमने देखा है, उससे स्पष्ट होता है कि गुजराती जनता कुछ नया चाहती है। कांग्रेस तो यहां लगभग नजर ही नहीं आती। विसावदर से गोपाल इटालिया की शानदार जीत और वह भी बड़े मार्जिन से, आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है और हम और अधिक मेहनत के साथ काम करेंगे। अरविंद केजरीवालजी का स्वास्थ्य और शिक्षा का जो मॉडल है, उसे हमने दिल्ली और पंजाब में सफलतापूर्वक लागू किया है, उसी तरह गुजरात में भी घर-घर तक पहुंचाएंगे।

SIR मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक पार्टी को, चाहे वह राष्ट्रीय पार्टी हो या राज्य स्तरीय पार्टी, किसी भी प्रकार की आपत्ति या शंका हो, तो चुनाव आयोग को स्वयं आगे आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। चुनाव आयोग को “72 घंटे में माफी मांगो” जैसी शर्तें नहीं रखनी चाहिए या दबावपूर्ण निर्देश नहीं देने चाहिए, बल्कि पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से पूरी प्रक्रिया की जनता के सामने संतोषजनक जांच करनी चाहिए। यदि SIR द्वारा नकली जनता बनाई जाती रही तो फिर लोकतंत्र कैसे बचेगा? यह तो लोकतंत्र के लिए खतरनाक बात है। UGC मुद्दे पर उन्होंने कहा कि UGC बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियों और बड़ी परीक्षाओं का आयोजन करता है। मेरा स्पष्ट कहना है कि किसी भी मुद्दे पर यदि किसी को आपत्ति हो—चाहे वह शैक्षणिक संस्थाएं हों, चुनाव आयोग हो या कोई अन्य संवैधानिक संस्था—तो स्पष्टीकरण देना और संतोष प्रदान करना उनकी जिम्मेदारी है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब यदि पंजाब की बात करें तो देश के लिए सबसे अधिक बलिदान देने वाले राज्यों में पंजाब अग्रणी रहा है। जब देश को अनाज की जरूरत पड़ी, तब पंजाब के किसानों ने ग्रीन रिवोल्यूशन कर अनाज के भंडार भर दिए। फिर भी आज तक पंजाब की अपनी राजधानी नहीं है। चंडीगढ़, जो पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है, वास्तव में पंजाब का अधिकार बनता है। यह मुद्दा पहले भी कई बार उठ चुका है। पंजाब के पास अपनी अलग हाईकोर्ट नहीं है। जबकि नॉर्थ-ईस्ट के छोटे-छोटे राज्यों के पास भी अपनी हाईकोर्ट है। इस कारण मामलों की पेंडेंसी बहुत बढ़ गई है और व्यवस्था पर भारी बोझ है। आज के समय में कोई भी राज्य ऐसा नहीं होना चाहिए जिसकी अपनी राजधानी न हो। चंडीगढ़ पंजाब की ही राजधानी है और पंजाब की ही राजधानी होनी चाहिए।




