
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अंतर्गत मंदिर परिसर में प्रतिदिन रात को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 9 जनवरी की रात सागर, सोमनाथ तथा संगीत का एक अनोखा एवं अलौकिक समन्वय स्थापित हुआ । सागर की लहरों की गर्जना, सोमनाथ महादेव की पावन उपस्थिति और संगीत की मधुर सुर लहरों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया । इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायक कीर्ति सागठिया तथा लोकप्रिय लोक गायक करसन सागठिया की जोड़ी ने महादेव के भावपूर्ण भजन, विभिन्न गरबा और लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। संगीत की ताल पर श्रोता झूम उठे और प्रत्येक रचना ने भक्ति, संस्कृति और लोक भावनाओं का संगम रचा।
साथ ही कलाकार हार्दिक दवे ने शिव स्तुति, शिव भजन और पानबाई के भजनों की रौनक जमा दी, जिसमें एकतारा के सुरों ने अलग ही भक्तिमय वातावरण निर्मित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसिद्ध लोक साहित्यकार राजभा गढवी ने लोक साहित्य के विविध रसों की शैली में प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित सभी ने भरपूर आनंद लिया । राजभा गढवी ने सोमनाथ के ऐतिहासिक प्रसंगों का वर्णन किया, जिससे वातावरण में शिवभक्ति और देशभक्ति का अद्भुत संयोजन देखने को मिला।
सोमनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने एक अलौकिक अनुभूति के अनुभव का आनंद किया। संगीत की सुरों की लहरें सागर की लहरों में गूंज उठीं और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उत्सव को और अधिक गौरवपूर्ण एवं स्मरणीय बना दिया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से गुजरात की लोकसंस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर प्रस्तुतीकरण हुआ।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी, डॉ. प्रदुमनभाई वाजा, सांसद श्री राजेशभाई चूडासमा, विधायक श्री भगवानभाई बारड, अग्रणी श्री शिवाभाई सोलंकी व बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।




