
पश्चिम रेलवे के रतलाम मण्ड ल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने इतिहास की अब तक की सबसे लंबी अनब्रोकन लॉन्ग हॉल मालगाड़ी का सफल परिचालन किया। 10 जनवरी, 2026 को यह लॉन्ग हॉल ट्रेन वटवा से बकानियां भौरी के बीच सफलतापूर्वक चलाई गई, जिसने लगभग 585 किलोमीटर की दूरी तय की। यह पश्चिम रेलवे पर भारतीय रेल क्षेत्र में अब तक की सबसे लंबी लॉन्ग हॉल रन है। इस लॉंग हॉल ट्रेन का संचालन पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के क्रू द्वारा किया गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह उपलब्धि रतलाम मण्ड्ल की परिचालन दक्षता, बेहतर संसाधन प्रबंधन, समय एवं मानव संसाधन की बचत तथा माल परिवहन क्षमता में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लॉन्ग हॉल ट्रेन 2 ईबॉक्सतएन (EBOXN) रेक की संरचना में चलाई गई, जिसका अधिकतम अनुमत गति 70 किमी प्रति घंटा था। ट्रेन ने वटवा से बकानियां भौरी तक की दूरी 12 घंटे 58 मिनट में पूर्ण की तथा इसकी औसत गति 46.98 किमी प्रति घंटा रही, कुल मिलाकर लगभग 11 घंटे की समय बचत सुनिश्चित की गई। इस लॉंग हॉल ट्रेन के सफल परिचालन विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय, सटीक योजना एवं प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
रतलाम मंडल द्वारा दो दिन पूर्व 08 जनवरी को बिलडी से उधना तक रतलाम मंडल की पहली लॉंग हॉल ट्रेन का सफल संचालन कर इतिहास रचा था तथा 10 जनवरी को रतलाम मंडल ने यह दूसरी उपलब्धि हासिल की है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि पश्चिम रेलवे, विशेषकर रतलाम मंडल, की नवाचार, परिचालन उत्कृष्टता एवं माल परिवहन को अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।




