
साबरमती रिवरफ्रंट इवेंट सेंटर में 13 से 23 नवंबर तक आयोजित अहमदाबाद इंटरनेशनल बुक फेस्टिवल 2025ने इस बार लोकप्रियता का नया इतिहास रचा है। इस 11 दिवसीय महोत्सव में कुल 8.21 लाख से अधिक आगंतुकोंने भाग लिया, जिससे यह साहित्यिक उत्सव न केवल राज्य में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे अधिक दर्शकों वाला पुस्तक महोत्सव बन गया है।
13 नवंबर को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के हाथों इस महोत्सव का उद्घाटन किया गया था। वंदे मातरम के समूहगान और स्वदेशी प्रोत्साहन प्रतिज्ञा से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित पुस्तक ‘बैरिस्टर मिस्टर पटेल’ सहित कई पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा लगभग 1 लाख वर्गफुट के विशाल परिसर में बनाए गए इस महोत्सव में 300 से अधिक प्रकाशकों ने भाग लिया। शहर के सभी आयु वर्गों के लिए तीन विशेष ज़ोन बनाए गए थे, जिनमें बाल साहित्य, रचनात्मक सत्र, काव्य पाठ, लेखकों के साथ संवाद, वर्कशॉप्स और फ़िल्म फेस्टिवल जैसी गतिविधियाँ लगातार दर्शकों को आकर्षित करती रहीं।
इस बुक फेस्टिवल में बच्चों की कार्यशालाएँ, कहानी वाचन, कला–हस्तकला कार्यक्रम और चिल्ड्रन फ़िल्म फेस्टिवल ने विशेष लोकप्रियता हासिल की। स्कूल बोर्ड के शताब्दी महोत्सव के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में हज़ारों विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
युवाओं के लिए आयोजित ‘ज्ञान गंगा’ वर्कशॉप्स ने भी महोत्सव की ज़बरदस्त सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कविता लेखन, नाटक, फ़िल्म स्क्रिप्टिंग और बुक डिज़ाइन जैसी रचनात्मक कार्यशालाओं के साथ-साथ विभिन्न पुस्तक लोकार्पण सत्रों ने विद्यार्थियों, लेखकों और रचनाकारों को एक साथ जोड़ा।
इसके अलावा विदेशी वक्ताओं की उपस्थिति ने इस महोत्सव को वैश्विक पहचान दी। चिली, स्पेन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका से आए चर्चित विचारकों ने भारतीय साहित्य और संस्कृति से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र प्रस्तुत किए। साथ ही मुख्य मंच पर प्रतिदिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने महोत्सव को जीवंत बनाए रखा।
इस महोत्सव को इसकी उत्कृष्ट व्यवस्था और सुविधाओं के कारण भी खूब सराहा गया। स्वच्छ परिसर, विशाल फूड कोर्ट, स्टार्टअप ज़ोन, वीआर गेमिंग का अनोखा स्टैम्प प्रदर्शन और पाठन के लिए अनुकूल वातावरण ने कई परिवारों को यहाँ लंबे समय तक समय बिताने के लिए आकर्षित किया।
इस प्रकार आयोजकों की मेहनत और उत्कृष्ट प्रबंधन के चलते अहमदाबाद इंटरनेशनल बुक फेस्टिवल 2025 को ‘ज्ञान का महाकुंभ’ के रूप में विशेष पहचान मिली है।




